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हिंदी शायरी ✍ स्मरणीय बढ़ता एक साल बीजडालाधरतीमेंनन्हापौधाउगआयाहाथमिलानेमानवसेकैसाखिलखिलाया। छंद जिंदगी नरकमेंलेजाताहैअंहकारकाद्वार।जीतसकोतोजीतलोसंस्कारसेसंसार। आभारी आहे पुरुष नारी घटता एक साल छप्पन माँ आधार शांति नौकरीपेशा उपवास उपभोग भारी हम गुढीपाडवाशस्त्रअस्त्र

Hindi सभ्यता एक दिन भारी पड़ेगी Quotes